भारत में यूरोपीय कंपनियों का आगमन (Europeans in India) – Complete History Notes | GKGSWALA

भारतीय इतिहास | आधुनिक भारत

यूरोपीय कंपनियों का भारत में आगमन

पुर्तगाली से फ्रांसीसी तक • महत्वपूर्ण घटनाएँ • परीक्षा उपयोगी तथ्य

History Notes Exam Preparation

📚 परिचय : यूरोपीय कंपनियों का आगमन

भारत प्राचीन काल से ही मसालों, सूती वस्त्रों, रेशमी वस्त्रों तथा अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के व्यापार के लिए प्रसिद्ध रहा है। यूरोपीय देशों के व्यापारी भारत के साथ व्यापार करना चाहते थे। प्रारंभ में भारत और यूरोप के बीच व्यापार स्थल मार्गों तथा समुद्री मार्गों से होता था। बाद में समुद्री मार्गों की खोज और व्यापारिक प्रतिस्पर्धा के कारण पुर्तगाली, डच, अंग्रेज तथा फ्रांसीसी भारत आए।

यूरोपीय कंपनियों का आगमन भारतीय इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना थी। शुरुआत व्यापार से हुई, लेकिन धीरे-धीरे इन कंपनियों ने भारत की राजनीति और प्रशासन में हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया।

⭐ एक नजर में महत्वपूर्ण तथ्य

1498
वास्को-डी-गामा भारत पहुँचा
1503
भारत में पुर्तगाली फैक्ट्री
1600
अंग्रेजी कंपनी की स्थापना
1664
फ्रांसीसी कंपनी की स्थापना
यूरोपीय कंपनियों का भारत में आगमन

1. यूरोपीय व्यापारियों के भारत आने के कारण

  • भारतीय मसालों, सूती वस्त्रों और रेशमी वस्त्रों की यूरोप में अत्यधिक माँग थी।
  • 1453 ई. में कुस्तुनतुनिया पर तुर्कों का अधिकार स्थापित हो गया, जिससे पारंपरिक व्यापारिक मार्ग प्रभावित हुआ।
  • यूरोप में पुनर्जागरण के कारण आर्थिक एवं भौगोलिक खोजों को प्रोत्साहन मिला।
  • यूरोपीय देशों के बीच व्यापारिक प्रतिस्पर्धा बढ़ी।
  • समुद्री मार्गों की खोज और नए व्यापारिक क्षेत्रों की तलाश ने यूरोपीय यात्राओं को बढ़ावा दिया।
  • धर्म प्रचार, व्यापारिक लाभ और साम्राज्य विस्तार भी प्रमुख उद्देश्य थे।

व्यापार के दो प्रमुख मार्ग

🛤️ 1. स्थल मार्ग

भारत से अरब देशों के रास्ते यूरोपीय बाजारों तक व्यापार किया जाता था।

🚢 2. समुद्री मार्ग

फारस की खाड़ी एवं लाल सागर के रास्ते समुद्री व्यापार होता था।

2. भारत की खोज का प्रारंभिक प्रयास

बार्थोलोमियो डियास (Bartolomeu Dias)

1487 ई. में बार्थोलोमियो डियास अफ्रीका महाद्वीप के दक्षिणी छोर तक पहुँचने में सफल रहा। उसने इस स्थान को तूफानी अंतरीप (Cape of Good Hope) नाम दिया। बाद में इसे आशा अंतरीप कहा जाने लगा।

क्रिस्टोफर कोलंबस (Christopher Columbus)

स्पेन ने भारत की खोज के लिए कोलंबस को भेजा। 1492 ई. में उसने पश्चिमी मार्ग से यात्रा करते हुए अमेरिका की खोज की।

तोर्देसिलास की संधि (1494)

1494 ई. में पुर्तगाल और स्पेन के बीच तोर्देसिलास की संधि हुई। इस संधि के अनुसार अटलांटिक महासागर में एक काल्पनिक रेखा निर्धारित की गई। इसके तहत पूर्वी क्षेत्र पर पुर्तगाल तथा पश्चिमी क्षेत्र पर स्पेन का अधिकार माना गया।

📌 परीक्षा में याद रखें

1494 ई. — तोर्देसिलास की संधि — पुर्तगाल और स्पेन।

3. वास्को-डी-गामा की भारत यात्रा (1497–1498)

पुर्तगाल के शासक ने भारत की खोज के लिए वास्को-डी-गामा को समुद्री अभियान पर भेजा। वह अफ्रीका के दक्षिणी छोर से होते हुए भारत पहुँचा।

8 जुलाई 1497
वास्को-डी-गामा पुर्तगाल से भारत की खोज के लिए रवाना हुआ।
1498 ई.
अफ्रीका के दक्षिणी छोर से होते हुए भारत के समुद्री मार्ग की यात्रा जारी रही।
20 मई 1498
वास्को-डी-गामा भारत के कालीकट (वर्तमान कोझिकोड, केरल) के निकट पहुँचा।
महत्वपूर्ण व्यक्ति: कालीकट का शासक — जमोरिन (Zamorin)।

वास्को-डी-गामा को भारत पहुँचने में स्थानीय व्यापारी अब्दुल मजीद का सहयोग मिला।

वास्को-डी-गामा की दूसरी यात्रा

  • 1499 ई. में वास्को-डी-गामा बड़ी मात्रा में काली मिर्च और मसाले लेकर लिस्बन लौटा।
  • इस व्यापार से पुर्तगालियों को भारी लाभ हुआ।
  • 1500 ई. में पुर्तगाली कप्तान पेड्रो अल्वारेज कैब्राल 13 जहाजों के साथ भारत पहुँचा।
  • 1502 ई. में वास्को-डी-गामा दोबारा व्यापारिक दल के साथ भारत आया।

4. यूरोपीय कंपनियों की स्थापना का क्रम

यूरोप में विभिन्न देशों की व्यापारिक कंपनियों की स्थापना निम्नलिखित क्रम में हुई। यह क्रम प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

देश स्थापना वर्ष
पुर्तगाल1498
ब्रिटेन1600
डच (हॉलैंड)1602
डेनमार्क1616
फ्रांस1664

5. भारत में यूरोपीय कंपनियों के आगमन का क्रम

देश भारत आगमन प्रमुख स्थान
पुर्तगाल1498कालीकट
डच1605मसुलीपट्टनम
ब्रिटेन1608सूरत
डेनमार्क1620ट्रैंकेबार
फ्रांस1667सूरत

6. पुर्तगालियों का भारत में आगमन

पुर्तगाली सबसे पहले समुद्री मार्ग से भारत पहुँचे। वास्को-डी-गामा के आगमन के बाद पुर्तगालियों ने भारत में व्यापारिक गतिविधियाँ बढ़ाईं और पश्चिमी तट पर अपना प्रभाव स्थापित किया।

प्रमुख घटनाएँ

  • 1498 ई.: वास्को-डी-गामा कालीकट पहुँचा।
  • 1499 ई.: वास्को-डी-गामा काली मिर्च लेकर लिस्बन लौटा।
  • 1500 ई.: पेड्रो अल्वारेज कैब्राल भारत पहुँचा।
  • 1502 ई.: वास्को-डी-गामा दूसरी बार भारत आया।
  • 1503 ई.: कोचीन (केरल) में पुर्तगालियों ने पहली फैक्ट्री स्थापित की।
  • 1505 ई.: कन्नूर में दूसरी फैक्ट्री स्थापित की गई।

फ्रांसिस्को डी अल्मेडा (1505–1509)

फ्रांसिस्को डी अल्मेडा भारत में प्रथम पुर्तगाली गवर्नर बना। उसने पुर्तगालियों के व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए समुद्री शक्ति को मजबूत करने का प्रयास किया।

Blue Water Policy (शांत जल की नीति)

अल्मेडा ने समुद्री व्यापार पर नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से Blue Water Policy अर्थात शांत जल की नीति अपनाई। इस नीति का मुख्य उद्देश्य समुद्र में पुर्तगाली शक्ति और व्यापारिक प्रभुत्व स्थापित करना था।

1. कार्टाज व्यवस्था

हिंद महासागर में व्यापार करने वाले जहाजों को पुर्तगालियों से परमिट लेना पड़ता था और इसके बदले शुल्क देना होता था।

2. काफिला व्यवस्था

व्यापारिक जहाजों को समुद्री यात्रा के दौरान सुरक्षा देने के लिए जहाजों के समूह के साथ चलने की व्यवस्था की गई।

पुर्तगालियों के प्रमुख युद्ध

⚔️ 1. चौल का युद्ध (1508)

गुजरात के चौल में अल्मेडा की सेना का सामना मिस्र एवं अरब के सहयोगी व्यापारिक पक्ष से हुआ। इस युद्ध में पुर्तगाली पक्ष को नुकसान उठाना पड़ा। PDF में अल्मेडा के पुत्र की मृत्यु का भी उल्लेख है।

⚔️ 2. दीव का युद्ध (1509)

दीव में मिस्र, तुर्की एवं गुजरात के व्यापारिक पक्ष की सेना का सामना अल्मेडा की सेना से हुआ। इस युद्ध में पुर्तगालियों की विजय हुई और उन्होंने समुद्री क्षेत्रों में अपना प्रभाव बढ़ाया।

अल्बुकर्क (Afonso de Albuquerque)

अल्बुकर्क ने पुर्तगालियों के व्यापारिक नियंत्रण को मजबूत करने का प्रयास किया। PDF में उसके भारत आगमन तथा व्यापारिक व्यवस्था से संबंधित घटनाओं का उल्लेख है।

  • 1505–1509 ई. — फ्रांसिस्को डी अल्मेडा का कार्यकाल।
  • 1503 ई. — कोचीन में पुर्तगाली फैक्ट्री।
  • 1505 ई. — कन्नूर में पुर्तगाली फैक्ट्री।
  • 1508 ई. — चौल का युद्ध।
  • 1509 ई. — दीव का युद्ध।

7. डच कंपनी का भारत में आगमन

डच व्यापारी हॉलैंड से भारत आए। उन्होंने मसालों के व्यापार में रुचि दिखाई और भारत के विभिन्न तटीय क्षेत्रों में व्यापारिक केंद्र स्थापित किए।

  • 1602 ई.: डच ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना।
  • 1605 ई.: भारत में डचों का आगमन।
  • मसुलीपट्टनम: भारत में डचों का प्रारंभिक व्यापारिक केंद्र।

8. अंग्रेजी कंपनी का भारत में आगमन

ब्रिटेन की ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 1600 ई. में हुई। इसके बाद अंग्रेज व्यापारियों ने भारत में व्यापारिक केंद्र स्थापित करने शुरू किए।

  • 1600 ई.: ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना।
  • 1608 ई.: अंग्रेजों का भारत आगमन; सूरत प्रमुख स्थान रहा।
  • 1608 ई.: जहाँगीर के शासनकाल में अंग्रेजों की व्यापारिक गतिविधियाँ आगे बढ़ीं।

9. डेनिश कंपनी का भारत में आगमन

  • 1616 ई.: डेनिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना।
  • 1620 ई.: डेनिश व्यापारियों का भारत आगमन।
  • ट्रैंकेबार: भारत में डेनिश व्यापारिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र।

10. फ्रांसीसी कंपनी का भारत में आगमन

  • 1664 ई.: फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना।
  • 1667 ई.: फ्रांसीसियों का भारत आगमन।
  • 1668 ई.: सूरत में फ्रांसीसी फैक्ट्री की स्थापना।

11. भारत में यूरोपीय देशों की पहली फैक्ट्रियाँ

देश स्थान वर्ष
पुर्तगालकोचीन1503
डचमसुलीपट्टनम1605
ब्रिटेनसूरत1608
डेनमार्कट्रैंकेबार1620
फ्रांससूरत1668

12. यूरोपीय कंपनियों के आगमन के समय भारत के शासक

देश भारत आगमन उस समय शासक
पुर्तगाल1498सिकंदर लोदी
डच1605अकबर
ब्रिटेन1608जहाँगीर
डेनमार्क1620जहाँगीर
फ्रांस1667औरंगजेब

13. परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)

  1. 1487 ई. — बार्थोलोमियो डियास की समुद्री खोज।
  2. 1492 ई. — कोलंबस की अमेरिका यात्रा।
  3. 1494 ई. — तोर्देसिलास की संधि।
  4. 1497 ई. — वास्को-डी-गामा की भारत यात्रा प्रारंभ।
  5. 1498 ई. — वास्को-डी-गामा कालीकट पहुँचा।
  6. 1503 ई. — कोचीन में पुर्तगाली फैक्ट्री।
  7. 1505 ई. — कन्नूर में पुर्तगाली फैक्ट्री।
  8. 1505–1509 ई. — फ्रांसिस्को डी अल्मेडा।
  9. 1508 ई. — चौल का युद्ध।
  10. 1509 ई. — दीव का युद्ध।
  11. 1600 ई. — ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना।
  12. 1602 ई. — डच ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना।
  13. 1616 ई. — डेनिश कंपनी की स्थापना।
  14. 1664 ई. — फ्रांसीसी कंपनी की स्थापना।

14. महत्वपूर्ण MCQ अभ्यास (Exam Practice)

नीचे दिए गए प्रश्नों का अभ्यास करें। ये प्रश्न इसी नोट्स में दिए गए तथ्यों पर आधारित हैं।

प्रश्न 1. वास्को-डी-गामा भारत कब पहुँचा था?

(A) 1492 ई.   (B) 1494 ई.
(C) 1498 ई.   (D) 1505 ई.

उत्तर देखें

सही उत्तर: (C) 1498 ई.

प्रश्न 2. वास्को-डी-गामा भारत में किस स्थान पर पहुँचा था?

(A) सूरत   (B) कालीकट
(C) गोवा   (D) कोचीन

उत्तर देखें

सही उत्तर: (B) कालीकट।

प्रश्न 3. कालीकट का शासक कौन था?

(A) अकबर   (B) जमोरिन
(C) जहाँगीर   (D) सिकंदर लोदी

उत्तर देखें

सही उत्तर: (B) जमोरिन।

प्रश्न 4. तोर्देसिलास की संधि कब हुई थी?

(A) 1487 ई.   (B) 1492 ई.
(C) 1494 ई.   (D) 1498 ई.

उत्तर देखें

सही उत्तर: (C) 1494 ई.

प्रश्न 5. भारत में पुर्तगालियों की पहली फैक्ट्री कहाँ स्थापित हुई?

(A) सूरत   (B) कालीकट
(C) कोचीन   (D) गोवा

उत्तर देखें

सही उत्तर: (C) कोचीन।

प्रश्न 6. Blue Water Policy किससे संबंधित है?

(A) फ्रांसिस्को डी अल्मेडा
(B) वास्को-डी-गामा
(C) कोलंबस
(D) बार्थोलोमियो डियास

उत्तर देखें

सही उत्तर: (A) फ्रांसिस्को डी अल्मेडा।

प्रश्न 7. चौल का युद्ध कब हुआ था?

(A) 1503 ई.   (B) 1505 ई.
(C) 1508 ई.   (D) 1509 ई.

उत्तर देखें

सही उत्तर: (C) 1508 ई.

प्रश्न 8. दीव का युद्ध कब हुआ था?

(A) 1508 ई.   (B) 1509 ई.
(C) 1510 ई.   (D) 1515 ई.

उत्तर देखें

सही उत्तर: (B) 1509 ई.

प्रश्न 9. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना कब हुई?

(A) 1498 ई.   (B) 1600 ई.
(C) 1602 ई.   (D) 1664 ई.

उत्तर देखें

सही उत्तर: (B) 1600 ई.

प्रश्न 10. फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना कब हुई?

(A) 1600 ई.   (B) 1602 ई.
(C) 1616 ई.   (D) 1664 ई.

उत्तर देखें

सही उत्तर: (D) 1664 ई.

प्रश्न 11. डच ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना किस वर्ष हुई?

(A) 1600 ई.   (B) 1602 ई.
(C) 1605 ई.   (D) 1608 ई.

उत्तर देखें

सही उत्तर: (B) 1602 ई.

प्रश्न 12. भारत में अंग्रेजों का प्रारंभिक प्रमुख व्यापारिक केंद्र कौन-सा था?

(A) सूरत   (B) कोचीन
(C) ट्रैंकेबार   (D) मसुलीपट्टनम

उत्तर देखें

सही उत्तर: (A) सूरत।

15. परीक्षा की तैयारी कैसे करें?

  • यूरोपीय कंपनियों की स्थापना के वर्ष अलग से याद करें।
  • भारत में आगमन और पहली फैक्ट्री की स्थापना को अलग-अलग समझें।
  • वास्को-डी-गामा की यात्रा की तिथियों पर विशेष ध्यान दें।
  • चौल और दीव के युद्धों का वर्ष याद रखें।
  • फ्रांसिस्को डी अल्मेडा और Blue Water Policy को एक साथ याद करें।
  • प्रमुख स्थानों और संबंधित यूरोपीय देशों की सूची बार-बार दोहराएँ।
  • अंत में MCQ हल करके अपनी तैयारी का मूल्यांकन करें।
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